Wednesday, 11 July 2018

सपनों में आती हो तुम...


ये नजरे, दो जाम, नजरों से पिलाती तुम,
वो जुल्फें, जैसे खुशबु, और समां महकाती तुम,
वो मुस्कान, जैसे बहार, और बहार लाती तुम,
ये रात, मेरे सपने, और सपने में आती तुम... 

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