Jajbat
आ के रुकती है लब पे बात क्या कहें, हम आप को अपने जज़्बात क्या कहें...
Saturday, 7 July 2018
शाम
वो शाम जो तेरे साथ गुज़री,
उम्र भर याद रहेगी ।
उस वक्त तक अपना दिल भी,
कभी अपना हुआ करता था ।
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