मेरे देश को सोने की चिड़िया बताया जाता है
हाँ, दुनियाभर में यही डंका बजाया जाता है
फिर धर्म, जात, प्रांत के नाम पर
भाईचारे को आजमाया जाता है
सोच समझकर देश में
नफरत को फैलाया जाता है
भीड़ के बिच से कोई उठकर
सब पता होने का दावा करता है
बुझी हुई नफरत की आग को
वो शिदद्त से हवा करता है
उसकी बात सुननेवाले
वो उसके भक्त होते हैं
झूटी संस्कृति बचाने के लिए
वो बड़े ही सख्त होते हैं
जो इनका विरोध करता है
वो बेमौत मारा जाता है
कोई कर लेता है आत्महत्या
तो कोई हॉस्टल से ही गायब हो जाता है
अगर कोई इनको संविधान याद दिला जाता है
अंध भक्तो के लिए वो देशद्रोही कहलाया जाता है
मेरे देश को सोने की चिड़िया बताया जाता है
हाँ, दुनियाभर में यही डंका बजाया जाता है
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