Monday, 30 July 2018

तुम मुझे जानती हो...

ये जानकर अच्छा लगा कि तुम मुझे जानती हो,
मेरा नाम, मेरी शक्ल भीड़ से भी पहेचानती हो।
तुम ऊंचे society, class से आती हो मगर फिर भी,
अंग्रेजी में हुर, परी कहलाती हो मगर फिर भी,
ये जानकर अच्छा लगा कि तुम मुझे जानती हो,
मेरा नाम, मेरी शक्ल भीड़ से भी पहेचानती हो।

Branded चीजें ना पहनने वाले हैं हम मगर फिर भी
Laptop ना होने से CC में वक़्त बिताने वाले हैं हम मगर फिर भी
अंग्रेज़ी फटाफट ना बोलनेवाले हैं हम मगर फिर भी
अपना दिल तपाक से नहीं खोलते हम मगर फिर भी
ये जानकर अच्छा लगा कि तुम मुझे जानती हो,
मेरा नाम, मेरी शक्ल भीड़ से भी पहेचानती हो।

Sunday, 29 July 2018

कैसे बताऊं...

तु मेरे सामने बैठा रहता हैं
और मेरी नजरें तुझे निहार रही होती हैं
तेरे चेहरे का shape मुझे बहोत प्यारा लगता है
तेरी छोटी सी, प्यारी सी आंखें जब सारी दुनिया को देखते हुए मुझपर से गुजरती हैं
तो मुझे कोई ख़ास होने का एहसास होता है
कभी सोचती हूं की तुम्हें बतादूं
की मैं तुम्हें कितना प्यार करती हूं
मगर बता नहीं पाती
कहीं तुम कुछ ग़लत समझकर बात करना ना छोड़ दो
इस बात से डरती हूं
तु मेरे सामने बैठा रहता हैं
और मैं उन पलों में सारी जिंदगी जी लेती हूं
कैसे बताऊं के मैं तुम्हें चाहती हूं
कैसे बताऊं कि मै तुम्हें प्यार करती हूं
कैसे बताऊं...

जहां देखो तुम...

जहां देखो तुम वहां
हम ही नजर आते हैं,
देखो तो कहां कहां
हम ही नजर आते हैं।

शायद ये सच नहीं
बस आपका गुमान है,
आपके ख़्वाबों- खयालों में
बस हम ही नज़र आते हैं।

Saturday, 28 July 2018

हम जीत के आ रहे हैं...

जश्न मनाए की हम जीत के आ रहे हैं,
तालियां बजाए की हम जीत के आ रहे हैं।
Football खेल नहीं अनाड़ियों का,
हमको खिलाड़ी बुलाएं की हम जीत के आ रहे हैं।
शोर मचाएँ के हम जीत के अा रहे हैं,
नाचें गाए के हम जीत के अा रहे हैं।
DH में बने कुछ मिठाई-विठाई,
और, autograph हमसे ले जाएं के हम जीत के अा रहे हैं।

तु मला पाहिले जेव्हा...

तु मला पाहिले जेव्हा 
मी  तुलाच पाहत होतो, 
अन मनात माझ्या छोटे 
घर आपले बांधित होतो| 

तू क्षणभर माझ्या समोरी 
मी आयुष्य जगले होते,
शोधात तुझ्याच मी का 
ही दुनिया फिरलो होतो ?

Thursday, 26 July 2018

जब लड़ता हूँ खुद से...

जब लड़ता हूँ खुद से, 
तब दुनिया से लड़ पाता हूँ
दर्द बहोत सहता हूँ
तभी सुकून बहोत पाता हूँ

मैदान में जैसे एक जंग छिड़ी होती है
सारे ground की नजरें हम पर ही गड़ी होती हैं
हम football लेकर दौड़ रहे होते हैं
सामने opponent की दिवार खड़ी होती है
जी जान लगाकर मैं उनसे भीड़ जाता हूँ
जब लड़ता हूँ खुद से, तब दुनिया से लड़ पाता हूँ


चोट लगती है, बदन छील जाता है
शायद ही किसी नजर में ये आता है
मरहम जख्मों को ठंडा कर जाता है
यारों की वाहवाही लूटके 
तालियों पे मुस्कुराता हूँ
जब लड़ता हूँ खुद से, तब दुनिया से लड़ पाता हूँ


कोई पूछे ये जिंदगी क्या है
धूल मिट्टी में ये ख़ुशी क्या है
जो न समझे मेरे जुनूँ को कभी
मुर्दा उनकी ये जिंदगी क्या है
यहीं बात मैं सबको बतलाता हूँ
जब लड़ता हूँ खुद से, तब दुनिया से लड़ पाता हूँ



Monday, 23 July 2018

हिजाब

शायर को कोई शेर शबाब में मिलता है,
मुझको यार मेरा हिजाब में मिलता है,
जहां पे करता है वो अदा नमाज़,
वहां मेरा रब मुझे ख़्वाब में मिलता है।

Thursday, 19 July 2018

मेरी शरीक-ए-हयात, मेरी जाना...

मेरी शरीक-ए-हयात, मेरी जाना,
रोज की तरह आज भी
तेरा मेरे तसव्वुर में होना
तेरा साथ रहना
तेरा मुझे सहना
मेरी गलत बातों को भी
तेरा सहीं कहना
मुझे फिर मेरी गलती का एहसास दिलाना
गुस्सा हो के दूर बैठू
तो मुझे पास बुलाना
मेरे बेकार से जोक पर
दिल खोल के खिलखिलाना
मैं करूं तारीफ तेरी तो
बस धीमे से शर्माना
ख्याल रखकर मेरा
मुझसे प्यार जताना
हफ्ते भर लंबे
मेरे इंतजार में रहना
हो कोई परेशानी
किसी से ना कहना
तारीफ में तुम्हारी
लफ्ज़ मेरे कम है
तुम से ही जिंदगी में मेरी
बहार का मौसम है
मेरी जिंदगी में होने का बहुत-बहुत शुक्रिया,
मेरी जिंदगी में होने का बहुत-बहुत शुक्रिया।

हबीब

मैं उसके ख़यालों  मेँ  जाग रहा हूँ,
और वो मेरी नींद लिए सो रही हैं।
मेरे ख्वाब में नहीं, उसीके ही सही, 
क्या हम में कोई गुफ़्तगू हो रही हैं।
गुजर रही है रात, वक़्त गुजर रहा है,
तू मेरे करीब, और करीब हो रही है।
होंगे रूबरू तो, ये इजहार करेंगे,
ऐ हुस्नवाली मेरी, हबीब हो रही हैं।

Wednesday, 18 July 2018

मेरे देश को सोने की चिड़िया बताया जाता है...

मेरे देश को सोने की चिड़िया बताया जाता है
हाँ, दुनियाभर में यही डंका बजाया जाता है
फिर धर्म, जात, प्रांत के नाम पर 
भाईचारे को आजमाया जाता है 
सोच समझकर देश में 
नफरत को फैलाया जाता है 
भीड़ के बिच से कोई उठकर 
सब पता होने का दावा करता है 
बुझी हुई नफरत की आग को
वो शिदद्त से हवा करता है 
उसकी बात सुननेवाले 
वो उसके भक्त होते हैं 
झूटी संस्कृति बचाने के लिए
वो बड़े ही सख्त होते हैं 
जो इनका विरोध करता है 
वो बेमौत मारा जाता है 
कोई कर लेता है आत्महत्या 
तो कोई हॉस्टल से ही गायब हो जाता है 
अगर कोई इनको संविधान याद दिला जाता है 
अंध भक्तो के लिए वो देशद्रोही कहलाया जाता है
मेरे देश को सोने की चिड़िया बताया जाता है
हाँ, दुनियाभर में यही डंका बजाया जाता है

लफ्ज बरस जाते है!

अजान से भी मीठे लफ्जो से
अम्मी सुबह जागाती है,
तब जाकर मेरी सुबह
रोशन हो जाती है!

वो झगडालु लफ्ज बहन के
जब मुझको याद आते है,
शोर मे भी कान मेरे
सुने सुने हो जाते है!

अब्बा के लफ्जो मे मुझको
दिखता है बुढापे का साया,
घर जाता हु तो कहते है,
“बेटा, बहोत दिनो बाद आया!

जब कभी मुझको
ये लफ्ज याद आते है,
आखों से बनके आसू
वो सारे बरस जाते है!

Good bad


Nothing is good, nothing is bad,
Why are the things, making you sad,
Why are you, feeling alone,
When whole world, is your home,
Smile on lips, love in the heart
Talk less and behave smart,
Remember these words my dear mad,
Nothing is good, nothing is bad.

Monday, 16 July 2018

गर्मी

क्या आग को भी कभी सर्दी लगती होगी,
देखके तुझको ये सवाल आता है।
मे अपने ही बेखुदी में खो जाता हूं,
दिल में मेरे ये कैसा खयाल आता है।

Wednesday, 11 July 2018

जुल्फें संवार रहे थे...

कुछ इस तरह हम वक़्त गुजार रहे थे,
ख़ामोशी से बस तुम्हें पुकार रहे थे।
दिल की मेरे शिद्दत तो देखिये,
पास ही आप जुल्फें संवार रहे थे।।

इंतज़ार...

रहेता है आपका इंतजार, आप दिखाई नहीं देती,
होता हूँ हर वक़्त बेक़रार, आप दिखाई नहीं देती|
देर तक बैठा रहता हूँ चौरस्ते पर आपके इंतजार में,
दुनिया दिखाई देती है, मगर आप, दिखाई नहीं देतीं|

सपनों में आती हो तुम...


ये नजरे, दो जाम, नजरों से पिलाती तुम,
वो जुल्फें, जैसे खुशबु, और समां महकाती तुम,
वो मुस्कान, जैसे बहार, और बहार लाती तुम,
ये रात, मेरे सपने, और सपने में आती तुम... 

खयाल


धुप तुजपर पड़ती है,
बदन मेरा जलता है| 
आज-कल  तेरा खयाल रखना,
मुझको अच्छा लगता है|

वक्त ही कितना लगता है...

ये माना के प्यार हुआ नहीं है हमें,
मगर प्यार होने में वक्त ही कितना लगता है 
एक बार हमें देख लो, जैसे कोई जाम थाम रही हो,
फिर चाहे मोड़ देना नजरें, जैसे कुछ हुआ ही न हो,
ईतना करने में वक्त ही कितना लगता है

कभी अपनी जुल्फों को खोल देना,
और महकने देना हवाओं को
अगर कोई महसूस कर ले,
तो वो दीवाना हो जाए आप के प्यार में,
दीवाना होने में वक्त ही कितना लगता है

Saturday, 7 July 2018

शाम

वो शाम जो तेरे साथ गुज़री,
उम्र भर याद रहेगी ।
उस वक्त तक अपना दिल भी,
कभी अपना हुआ करता था ।