Wednesday, 1 August 2018

मेरी दुनिया अलग है तुम्हारी दुनिया से...



मेरी दुनिया अलग है तुम्हारी दुनिया से 
क्योंकी, मैं उन लोगों से जुड़ना ज्यादा पसंद करता हूँ 
जो मेरे आस-पास होते हैं, जो मेरे रूबरू होते हैं 
जो जब बात करते है तो सिर्फ लफ्ज ही नहीं,
सिर्फ दिल ही नहीं, पूरी body इस्तेमाल करते हैं 

मेरी दुनिया अलग है तुम्हारी दुनिया से 
क्योंकि, मेरी दुनिया में smiley icon से ज्यादा जरुरी real smile है 
मेरी दुनिया में I love you, facebook की wall पे नहीं रूबरू कहा जाता है 
जहां पे आपको लड़के को शरमाते 
और लड़की का ग़ुलाबी होते देख सकते हैं 

मेरी दुनिया अलग है तुम्हारी दुनिया से 
क्योंकी, मेरी दुनिया में मैं हसीनाओं को आमने-सामने जाकर 
उन्हें ये बताता हूँ की वो कितनी खूबसूरत हैं 
शायद उन हसीनाओं से मेरा फिर वास्ता रहे या न रहे 
उन्हें मैं याद रहूँ ना रहूँ, मुझे वो याद रहे न रहे 

मेरी दुनिया अलग है तुम्हारी दुनिया से 
क्योंकी, मेरी दुनिया में मेरी उदासी को पहचान लिया जाता है 
मेरा यार जो कभी हसता नहीं, वो भी मुझे हसाने के लिए आ जाता है 
मेरी दुनिया में यार की टांग खीचना रस्म होती है 
और हक़ से चाय मांगना brotherhood कहलाता है 

मेरी दुनिया जो भरी है अजीब लोगों से 
मेरी दुनिया जहाँ कोई मुक़म्मल नहीं हैं 
मेरी दुनिया जहां जिंदगी internet की मोहताज नहीं  
मेरी दुनिया जहाँ मोहोब्बत के सिवा कोई आस नहीं 
मेरी दुनिया जहाँ यार गले मिलते है तो धड़कने एक हो जाती हैं 
मेरी दुनिया जहाँ यारी, जिंदगी कहलाती हैं 
मेरी दुनिया अलग है तुम्हारी दुनिया से...

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