हम समेटते जायेंगे जब बिखरती जाएगी,
जिंदगी हमारी तो यूंही चलती जाएगी।
गुज़र रहा है वक्त जिस ख़ामोशी से,
ख़ामोश रहे तो उसी तरह जिंदगी गुजरती जाएगी।।
ख़ामोश हैं हम तो है जमाना हमारा यार,
बोलने लगे तो यारी टूटती सी जाएगी।
एक मोहब्बत की शमा दिल में जलाए रक्खे हैं,
इसी तरह तो जिंदगी उजलती जाएगी।।
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