Jajbat
आ के रुकती है लब पे बात क्या कहें, हम आप को अपने जज़्बात क्या कहें...
Thursday, 16 August 2018
सहारा
डूबने वालों को तिनके का सहारा मिल जाए,
तेरे हाथ का नहीं, ना सही, उंगली का सहारा मिल जाए।
इंसान हैं हम, इंसानियत बाकी है अभी,
बस इसका एक इशारा मिल जाए।।
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