Thursday, 29 August 2019

दूरी

तेरे और मेरे बीच की दूरी
मैं कुछ इस तरह मिटा रहा हूं।
वो गीत जो तुम गुनगुनाती थी
वो गीत अब मैं गुनगुना रहा हूं।।

तुम्हारे दुपट्टे की खुशबू लेकर,
तसव्वुर में तुमको ला रहा हूं।
तुम आकर जगाओगी,
इस खयाल में सोता जा रहा हूं।।

इक हफ्ते को मैं दिन रात,
घंटों, पहर में तोड बिता रहा हूं।
मैं सब्र अपने आप का,
हर पल आजमा रहा हूं।।

तेरे और मेरे बीच की दूरी,
मैं कुछ इस तरह मिटा रहा हूं।
वो गीत जो तुम गुनगुनाती थी,
वो गीत अब मैं गुनगुना रहा हूं...

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