Thursday, 22 August 2019

जागो, आवाज उठाओ

जागो, आवाज उठाओ
जागो, आवाज उठाओ

समाज तोड तंत्र का हिस्सा ना बनो,
समाज तोड वाणी का किस्सा ना बनो।
सोए हो तो जाग जाओ,
बेहोश हो तो होश में आओ।।
जागो, आवाज उठाओ
जागो, आवाज उठाओ

अलग अलग फूलों से बगिया खिल जाती है,
अलग अलग रंगों से तस्वीर बन जाती है।
इन बागों में बहार लाओ,
इस तस्वीर में जान लाओ।।
जागो, आवाज उठाओ
जागो, आवाज उठाओ

लोकतंत्र बचाने हेतु जागना है,
जिम्मेदारी से अपनी नहीं भागना है।
बगीचे के सर पे आग लगी है जाग जाओ,
"हम भारत के लोग" वाला "हम" बनके दिखाओ।।
जागो, आवाज उठाओ
जागो, आवाज उठाओ...

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