Monday, 22 July 2019

दूरी सही ना जाए

दूरी सही ना जाए,
तेरे बिना मुझको,
कुछ और नजर ना आए,

दूरी सही ना जाए,
तेरे बिना मुझको,
कुछ और नजर ना आए,
दूरी सही ना जाए।

कभी सोचा नहीं पहले
के दिन यूं भी बदलेंगे
तुम हो जाओगी दूर हमसे
और हम यूं तड़पेंगे
दूरी सही ना जाए,
तेरे बिना मुझको,
कुछ और नजर ना आए,
दूरी सही ना जाए।

ये जो ऊंची पहाड़े हैं
हर पल तुमको याद करें
और इन पहाड़ों के संग हम
रब से यह फरियाद करें
दूरी सही ना जाए,
तेरे बिना मुझको,
कुछ और नजर ना आए,
दूरी सही ना जाए।

(जाजाई सिंग्सित के "तोल्थिंग सेहेई नहि" की धुन से मुतासिर)

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