वो दोनों, साथ नहीं रहते हैं, मगर फिर भी,
मैंने देखा है दोनों को गले मिलते हुए।
रात, सुबह गले मिल के चली जाती है,
दिन, शाम गले मिल के चला जाता है।।
मैं सुबह शाम, जब भी इनको, देखता हूं,
कोई अपना सा मुझको याद आ जाता है।
हम भी है दूर, साथ नहीं है फिर भी,
जब भी मिलते हैं, हम भी गले मिलते हैं।।
वो दोनों, साथ नहीं रहते हैं, मगर फिर भी,
मैंने देखा है दोनों को गले मिलते हुए...
मैंने देखा है दोनों को गले मिलते हुए।
रात, सुबह गले मिल के चली जाती है,
दिन, शाम गले मिल के चला जाता है।।
मैं सुबह शाम, जब भी इनको, देखता हूं,
कोई अपना सा मुझको याद आ जाता है।
हम भी है दूर, साथ नहीं है फिर भी,
जब भी मिलते हैं, हम भी गले मिलते हैं।।
वो दोनों, साथ नहीं रहते हैं, मगर फिर भी,
मैंने देखा है दोनों को गले मिलते हुए...
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