Saturday, 15 September 2018

प्यास



प्यासे रहकर जानिये, ये प्यास क्या है,
मशक्कत के बाद सुकून की आस क्या है।
उम्र भर तलाशता रहा चैन-ओ-सुकून मैं,
जब रुक गया तो जाना तलाश क्या है।।

दुनिया के नक्शे कदम पर चलके कौन खुश रहा,
सब जानते हैं गम की खराश क्या है।
कभी देखकर उदास खुद को मुस्कुराओ तो,
जानलों ख्वाहिशों की लाश क्या है।।

दिन के अंधेरे में जो कभी खो गए थे हम,
जाना उजालें की ये रात क्या है।
मुस्कुराते लोग मिलेंगे जो हर कहीं,
सोचो के छुपाती आंसुओं को वो बात क्या है।।

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