Monday, 25 February 2019

उस रात...

उस रात,
जिस रात हम कुछ कदम साथ चले थे,
काश, मैं तुम्हारे और करीब आया होता।
काश, मैने मिलाई होती तुमसे नजरें,
काश, तुम्हारा हात मेरे हातों में थामा होता।।

काश, मैने बढने दिया होता सांसो को,
और, धड़कनों का शोर तुमको सुनाया होता।
एक हो ही जाती दिल की धड़कनें,
काश, मैने तुम्हें सीने से लगाया होता।।

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