मुझे अपने यारों से उम्मीद नहीं है,
ये दुनिया ही कुछ यारों दौलत परस्त है।
मै मुझको मिलने वाले हर शय में मस्त हूं,
वो उसको मिलने वाले हर शय में मस्त है।।
उम्मीदें हैं उसको मुझसे, यूं तो कई,
मेरी एक उम्मीद से, वो पस्त है।
दौलत पास है मगर साफ दिल नहीं,
बस यहीं मेरे यार ने, खाई शिकस्त है।।
सीनेसे लगने वाले भी तोड़तें हैं दिल,
मेरी समझ को ये बडी लंबी सी जीस्त है।
इन्सा गुरूर करता है तेरे जहॉ पे रब,
तू ही बता ये बात, कहॉ तक दुरुस्त है।।