चलो ऐसा कर के देखते हैं,
मौब लिंचिंग वाली सड़क से गुजर के देखते हैं।
लोग चुप नहीं हैं, मैं ही बहेरा हूं शायद,
लोगों के होटों पे नजरें फेर के देखते हैं।।
क्या लोग टूटने लगे हैं इक दूजे से,
चलो हम उनको जोड के देखते हैं।
उम्मीद है किसीको संविधान तो याद होगा,
वो किताब साथ ले जा कर के देखते हैं।।
ये क्या उदासी छाई है हर जगह,
चलो "शैलेंद्र" का "तु जिंदा है" छेडके देखते हैं।
या मन करे भजन सुनने का,
"शकील बदायूंनी" का भजन सुनके देखते हैं।।
ये लोग पराए से महसूस होते हैं,
चलो दिल को झुटा समझ के देखते हैं।
क्या मुझे अब लोगों पे यकीन नहीं करना चाहिए,
मेरे देश के लोग हैं, यकीं कर के देखते हैं।।
मौब लिंचिंग वाली सड़क से गुजर के देखते हैं।
लोग चुप नहीं हैं, मैं ही बहेरा हूं शायद,
लोगों के होटों पे नजरें फेर के देखते हैं।।
क्या लोग टूटने लगे हैं इक दूजे से,
चलो हम उनको जोड के देखते हैं।
उम्मीद है किसीको संविधान तो याद होगा,
वो किताब साथ ले जा कर के देखते हैं।।
ये क्या उदासी छाई है हर जगह,
चलो "शैलेंद्र" का "तु जिंदा है" छेडके देखते हैं।
या मन करे भजन सुनने का,
"शकील बदायूंनी" का भजन सुनके देखते हैं।।
ये लोग पराए से महसूस होते हैं,
चलो दिल को झुटा समझ के देखते हैं।
क्या मुझे अब लोगों पे यकीन नहीं करना चाहिए,
मेरे देश के लोग हैं, यकीं कर के देखते हैं।।
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