Thursday, 27 June 2019

इंतजार में थे...

आ आ के जा रहे थे, आकर बरस गए,
बादल आग लगने के इंतजार में थे।
हमने किया था खुद को, कब से तेरे हवाले,
हम भी तो यार जलने के इंतजार में थे।।

तेरे साथ एक लम्हा, जिंदगी जी चुके हम,
अब तो बस मौत के इंतजार में थे।
और तेरी खुशबू का लालच दे रही हैं सांसे,
मर तो जाते, तेरी खुशबू के इंतजार में थे।।

Wednesday, 26 June 2019

दिल कबूतर

दिल कबूतर कबूतर दिल कबूतर रे
दिल कबूतर कबूतर दिल कबूतर।
बैठे कभी इस शाख पर उस शजर पर रे
कबूतर दिल कबूतर,
ना कोई भाये इसको, लड़ाई चोंच सभी से रे,
कबूतर दिल कबूतर।।

होकर रहना किसीका आदत नहीं इसकी,
वफा किसी से करने की फितरत नहीं इसकी,
उतर जाए कभी इसके, कभी उस के छत पर,
कबूतर दिल कबूतर...

आवारागर्दी से, हैरान है ये,
खुद अपनी आदतों से परेशान है ये,
सोच रहा है कैसे बनें खुद से ही बेहतर,
कबूतर दिल कबूतर...

मोहब्बत है दिल में है, आजादी प्यारी इसे,
बेबाक हवाओं से, है यारों यारी इसे,
कभी उतरे मंदिर पे, मस्जिद पे जाये उतर,
कबूतर दिल कबूतर...

बैठे कभी इस शाख पर उस शजर पर रे
कबूतर दिल कबूतर...


Tuesday, 25 June 2019

जब तुम्हें देखता हूं


बहुत दिनों से जानता हूं मैं तुमको, 
एक दो बार बात भी कर चुका हूं,
मगर, जिस दिन से तुमको देखा था,
उस दिन से लेकर आज तक,
मैं जब भी तुम्हारे बारे में सोचता हूं,
तुम्हें देखता हूं,
या बीच राह में तुम, जब भी तुम नजर आती हो,
मैं सोचता हूं कि यह कैसे मुमकिन है,
किसी का चेहरा इतना जादुई कैसे हो सकता है,
के उस को देखूं तो कुछ और ना देखूं,
के उस को सोंचूं तो कुछ और ना सोचूं,
के उस को समझूं तो कुछ और ना समझूं,
कि उसको चाहूं तो कुछ और ना चाहूं,
शायद, मै सब कुछ भूल जाता हूं,
जब तुम नजर में आती हो,
शायद खुद को भी भूल जाता हूं,
तुमको लगता होगा गुरूर मुझमें,
लेकिन मैं तुम से शरमाता हूं,
शायद, डरता हूं की दिल की बात कहीं बता ना दूं,
कभी सोचता भी हूं की बता दूं तुमको,
बहुत दिनों से जानता हूं मैं तुमको, 
एक दो बार बात भी कर चुका हूं,
मगर, जिस दिन से तुमको देखा था,
उस दिन से लेकर आज तक,
मैं जब भी तुम्हारे बारे में सोचता हूं,
तुम्हें देखता हूं.....

Thursday, 20 June 2019

दरख़्त


मै आया था मै चला गया, मुझे हसते हसते विदा करो,
मेरी छांव को, मेरे पत्तों को, ना दिल से अपने जुदा करो।

जो हो कभी कोई धूप में, उसे छांव देना ना भूलना,
उसे नाम धाम औे जात धर्म, ये कोई बात ना पूछना।
है यही दुआ की मेरी तरह, तुम भी उसको याद हो,
मै बाट खुशियां खुश रहा, और तुम भी ऐसेही शाद हो।।

मेरा घर तुम्हारे दिल में और, किसी दिल में तुम्हारा भी हो घर,
मैने जी ली अपनी जिंदगी, ना कोई गिला है ना कोई है डर।
तुम जीना अपनी जिंदगी, कभी अपना फर्ज ना भूलना,
जो कभी हो कोई धूप में, उसे छांव देना ना भूलना।।

 मै आया था मै चला गया, मुझे हसते हसते विदा करो,
मेरी छांव को, मेरे पत्तों को, ना दिल से अपने जुदा करो...