Thursday, 13 February 2020

निंदिया रानी आजा ना...

निंदिया रानी आजा ना,
सपना कोई दिखा जा ना।
इस अंधेरी रात में,
साथ मेरा निभा जा ना।।

मम्मी मुझसे दूर है,
डैडी भी तो साथ नहीं,
रात अंधेरे डर लगता है,
और तो कोई बात नहीं,
कान में मेरे धीरे से,
लोरी कोई सुना जा ना,
निंदिया रानी आजा ना...

झिरझिरी कंबल है मेरी,
सर्दी मेरे पास ही है,
मम्मी डैडी की गोदी की,
गर्मी का एहसास भी है,
उनके चाहत की कंबल,
तू ही मुझको उडा जा ना,
निंदिया रानी आजा ना...

तू क्या जाने दूर अपने,
घर से रहना क्या होता है,
चार दिवारी, छत के नीचे,
दुनिया का निशॉ होता है,
तुझको उस दुनिया का वास्ता,
सपना वो ही दिखा जा ना,
निंदिया रानी आजा ना...

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